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‘आवश्यकता की स्वीकृति’ द्रष्टिकोण से सहमति प्रदान करना तथा उन प्रस्तावों की समीक्षा करना तथा सलाह देना, जो वित्तीय पहलुओं से संबंधित हों तथा सक्षम वित्तीय प्राधिकारी के सामर्थ्त के अंतर्गत आते हों।
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निविदा संबंधी पूछताछ, विक्रेताओं की सूची एवं निविदाओं के तुलनात्मक विवरण का पुनरीक्षण करना।
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प्रापण दरों के औचित्य के मूल्यांकन हेतु टी.पी.सी./पी.एन.सी. /सी.एन.सी.मेंभागलेना। |
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वित्तीय सहमति प्रदान करना तथा ठेका करार/पूर्ति आदेशों का पुनरीक्षण करना।
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सुपुर्दगी अवधि बढाने तथा ‘आँप्शन क्लोज ’ अथवा ’पुनरावृत्ति आदेश ’ के अंतर्गत अतिरिक्त मात्रा की मांग संबंधी उत्तर संविदात्मक विषय़।
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