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प्रायः पूछे जाने वाले प्रशन-
1. एकल खिडकी निपटान प्रणाली
2.आंतरिक लेखापरीक्षा संबंधी प्रशन
3. एकीकृत वित्तीय परामर्श संबंधी प्रशन
4. लेखा अनुभाग संबंधी प्रशन
5. अभियांत्रिकी अनुभाग संबंधी प्रशन
6. इलैक्ट्राँनिक भुगतान प्रणाली संबंधी प्रशन
एकल खिडकी निपटान प्रणाली
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प्रशन 1 एकल खिडकी निपटान प्रणाली से क्या तात्पर्य है ?
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एकल खिडकी निपटान प्रणाली के अंतर्गत रक्षा लेखा नियंत्रक (सेना), मेरठ के लेखापरीक्षा अधिकार क्षेत्र के अधीन यूनिटों/फाँर्मेशन से 1130 बजे तक प्राप्त यात्रा भत्ता/ दैनिक भत्ता, छुट्टी यात्रा रियायत, चिकित्सा एवं सामान्य भविष्य निधि अग्रिम/आहरण संबंधी नकदी मांग एवं अग्रिम एक ही कांउटर पर दस्ती प्राप्त किए जाते हैं। इनकी संबंधित लेखापरीक्षा अनुभागों द्वारा फास्ट ट्रैक आधार पर प्रोसेसिंग की जाती है तथा सुनिशिचत किया जाता है कि चैक/चैक-पर्ची उसी दिन जारी कर दिए जांए। |
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प्रशन 2 एकल खिडकी निपटान प्रणाली की आवश्यकता क्यों है ?
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पूर्व में, उपरोक्त सभी अग्रिम, संबंधी लेखापरीक्षा अनुभागों में फस्ट-इन-फस्ट-आउट आधार पर पास किए जाते थे। इस प्रणाली में दस्ती प्राप्त आपातकालीन मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार नहीं किया जाता था। विभिन्न अनुभागों में इन बिलों की प्रोसेसिंग में तथा इन्हें पास करने में न्यूनतम एक सप्ताह का समय लगता था तथा आपातकालीन मामलों में विलंब अपरिहार्य था। इसका समाधान यह था कि सभी अग्रिम उसी दिन पास कर दिए जाएं। वर्तमान में, एकल खिडकी निपटान प्रणाली द्वारा यह सुनिशिचत किया जाता है कि सभी बिल दैनिक आधार पर पास कर दिया जाएं।
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प्रशन 3 एकल खिडकी निपटान प्रणाली द्वारा किस प्रकार के बिल पास किए जाते हैं ?
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सभी रक्षा/रक्षा लेखा विभाग सिविलियनों संबंधी चिकित्सा अग्रिम
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सभी रक्षा/रक्षा लेखा विभाग सिविलियनों संबंधी सामान्य भविष्य निधि अग्रिम / निकासी
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सभी रक्षा/रक्षा लेखा विभाग सिविलियनों संबंधी यात्रा भत्ता/दैनिक भत्ता/छुट्टी यात्रा अग्रिम
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भण्डारठेकातथाविविधअनुभागमेंप्राप्तनकदीमांग |
आंतरिक लेखा परीक्षा के संबंध में प्रायः पूछे जाने वाले प्रशन
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प्रशन 1 व्यय की स्वीकृति की लेखापरीक्षा का क्या अर्थ है ?
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| व्यय की स्वीकृति की लेखापरीक्षा द्वारा यह देखा जाता है कि व्यय की प्रत्येक मद, स्वीकृति प्रदान करने में सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के अनुसार ही है। लेखा परीक्षा द्वारा न सिर्फ यह देखा जाता है कि व्यय स्वीकृति के अनुसार है, सामान्य और विशेष,अपितु यह भी कि इसे स्वीकृति प्रदान करने वाला प्राधिकारी, उसे प्रदत्त शक्तियों द्वारा, इसके लिए सक्षम है।
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प्रशन 2 उपयुक्तता लेखा परीक्षा क्या है ?
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उपयुक्तता लेखा परीक्षा का मुख्य उद्देश्य न सिर्फ स्पष्ट अनियमितताओं के मामलों को उजागर करना है, परन्तु प्रत्येक ऐसा मामला भी, जिसमें अनुचित व्यय अथवा लोक धन की बर्बादी की आशंका है।
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प्रशन 3 अनंतिम भुगतान क्या है ?
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उचित प्राधिकारी की स्वीकृति के पूर्वानुमान में अपवादात्मक परिस्थितियों में किया गया व्यय अथवा व्यय को कवर करने हेतु निधि का अतिरिक्त आवंटन अनंतिम भुगतान कहलाता है। ऐसी शक्तियां, सामान्यतः रक्षा लेखा नियंत्रक के पास निहित होती है। |
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प्रशन 4 विनियोजन लेखा परीक्षा के विभिन्न चरण कौन से हैं ?
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विनियोजन लेखा परीक्षा दो चरणों में की जाती हैः-
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(i) |
स्वीकृति की लेखा परीक्षा अर्थात् निधि आवंटन के आदेशों की लेखा परीक्षा तथा पुनर्विनियोजन। |
(ii) |
व्यय की लेखा परीक्षा, अर्थात् आवंटन के अनुसार व्यय की लेखा परीक्षा।
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प्रशन 5 व्यैक्तिक चालू खाता लेखा (आई.आर.एल.ए.)क्या है ?
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कमीशन अधिकारियों, जूनियर कमीशन अधिकारियों तथा अन्य रैंकों के वेतन एवं लेखों का व्यैक्तिक चालू खाता लेखा प्रणाली द्वारा रखरखाव किया जाता है तथा व्यैक्तिक चालू खाता लेखा उनके खातों से संबंधित क्रेडिट/डेबिट का पूरा अभिलेख दर्शाता है। व्यैक्तिक चालू खाता लेखों का रखरखाव र.ले.नि. (अधिकारी), पुणे की खाता विंग तथा संबंधित वेतन लेखा कार्यालयों (अ.श्रे.) द्वारा किया जाता है।
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प्रशन 6 मान लेखा परीक्षा क्या है ?
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मान लेखा परीक्षा द्वारा यह पता लगाया जाता है कि किसी यूनिट/फाँर्मेशन की नामावली में दर्शाई गई सेना अधिकारियों की प्रभावी नफरी संबंधित शांति/ युद्व/ आंतरिक स्थापना में प्राधिकृत संख्या के अनुसार है तथा प्रत्येक यूनिट में विभिन्न रैंको में अधिकारियों की संख्या को किया गया भुगतान नामावली में दर्शाई गई संख्या से मेल खाता है।
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प्रशन 7 बडी वित्तीय एवं लेखाकरण अनियमितताएं क्या हैं ?
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नियंत्रक, जून, सितम्बर, दिसम्बर तथा मार्च की तिमाहियों में तिमाही समाप्ति से अगले माह की 20 तारीख तक यूनिटों तथा फाँर्मेशन एवं कमान (समग्र रूप में) से जुडे मामलों से संबंधित बडी वित्तीय एवं लेखाकार अनियमितताओं संबंधी एक तिमाही रिपोर्ट तैयार करेंगे। इसमें लेखा के अनियमित रखरखाव संबंधी मामले अथवा ऐसे मामले जिनमें वित्तीय अनियमितताओं अथवा हानि का मूल्य एक लाख से अधिक है, सम्मिलित है।
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प्रशन 8 एम.ई.एस.व्यय की वार्षिक समीक्षा क्या है ?
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एम.ई.एस.व्यय की वार्षिक समीक्षा सचिव (रक्षा वित्त) वित्तीय सलाहकार, रक्षा मंत्रालय द्वारा, संबंधित रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रकों/रक्षा लेखा नियंत्रकों द्वारा उन्हें प्रस्तुत किए जाने वाले विभिन्न विवरणों के आधार पर, तैयार की जाती है।
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प्रशन 9 आंतरिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट क्या है ?
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निम्नलिखित प्रमुख श्रेणियों के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष की 31 मार्च तथा 30 सितम्बर की अर्धवार्षिक अवधि की आंतरिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट तैयार की जाती है तथा रक्षा लेखा महानियंत्रक को प्रेषित की जाती हैः-
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1 |
नियामक लेखा परीक्षा
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2 |
राजस्वकीहानि |
3 |
राजस्वमेंबढोतरी |
4 |
इष्टतमसंसाधनप्रबंधन |
5 |
मितव्ययतासुझाव |
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प्रशन 10 नकदी हानियों अधिभुगतान आदि की कौन सी श्रेणियां है ?
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नकदी की हानियां, अधिभुगतान, आदि निम्नलिखित दो श्रेणियों में दर्शाए जाते हैं -
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(i) |
चोरी, धोखाधडी अथवा लापरवाही के कारण नकदी हानियां।
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(ii) |
अन्य कारणों के फलस्वरूप नकदी हानियां। |
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एकीकृत वित्तीय परामर्श संबंधी प्रशन
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प्रशन 1 सक्षम वित्तीय प्राधिकारी क्या है ?
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सक्षम वित्तीय प्राधिकारी, भारत सरकार द्वारा विधिवत रूप से शक्ति प्राप्त वह प्राधिकारी है जो लोक निधि खाते से एक विशिष्ट सीमा तक (व्यय की राशि संबंधी) व्यय किए जाने की स्वीकृति एवं अनुमोदन प्रदान करता है। |
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प्रशन 2 दर संविदा क्या है ?
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दर संविदा, खरीददार एवं पूर्तिकार के बीच, संविदा द्वारा कवर की गई अवधि के दौरान विशिष्ट मूल्य पर सामान की आपूर्ति करने संबंधी एक करार है। यह गारंटीरहित न्यूनतम आहरण के एक स्थायी प्रस्ताव की तरह है।
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प्रशन 3 सीलबंद विवरण धारक प्राधिकारी (ए एच एस पी) क्या है ?
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सीलबंद विवरण धारक प्राधिकारी वह प्राधिकारी है जिसे मद की विशिष्टियां निर्धारित करने तथा मद का विस्तृत विवरण अपने पास रखने की शक्ति प्रदान की गई है। |
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प्रशन 4 पी.ए.सी. टेन्डरिंग क्या है ?
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कुछ मदें, विशेषकर उपस्कर, किसी विनिर्माण फर्म के प्रप्राइअटि उत्पाद होते हैं। इस प्रकार की मदें केवल फर्म अथवा उनके डीलरों के पास ही उपलब्ध होती हैं, क्योंकि दूसरों के पास उस मद के विनिर्माण हेतु विस्तृत विशिष्टियां उपलब्ध नहीं होती हैं। ऐसी परिस्थितियों में, मूल उपस्कर विनिर्माता (ओ.ई.एम.) को एक प्रप्राइअटि वस्तु प्रमाण पत्र (पी.ए.सी.) जारी किया जाता है तथा उन फर्म विशेष तथा उनके प्राधिकृत डीलरों से पी.ए.सी. आधार पर मदों का प्रापण किया जाता है।
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प्रशन 5 विकल्प क्लाँज क्या है ?
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खरीदार के पास यह अधिकार रहता है कि वह मूल ठेका के नियम एवं दरों पर 50%अधिकतम अतिरिक्त माल का ठेका दे सकता है। इस प्रकार का विकल्प क्लाँज चालू ठेका के दौरान ही उपलब्ध होगा।
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प्रशन 6 ‘जोखिम एवं खर्चे ’खरीद क्या है ?
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‘जोखिम एवं खर्चे ’खरीद द्वारा, पूर्तिकार द्वारा निर्धारित अवधि में ठेका की शर्तों को पूरा करने में विफल होने पर तथा जब सुपुर्दगी अवधि को आगे बढाने को मंजूरी न मिली हो, की स्थिति में की जाती है। जब कभी जोखिम खरीद प्रभावी होती है, तो पूर्तिकार सरकार द्वारा खर्च की गई अतिरिक्त राशि के भुगतान के प्रति उत्तरदायी होगा, यदि ठेका राशि की तुलना में कोई हो।
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प्रशन 7 साख पत्र क्या है ?
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क्रेडिट पत्र खरीददार के बैंक (जारीकर्ता बैंक) द्वारा खरीददार की ओर से उसके अनुरोध पर दिया गया एक लिखित समझौता है। यह पत्र विक्रेता के देश में एक बैंक एजेन्सी के माध्यम से विक्रेता तक पहुँचता है। पत्र के अनुसार जारी कर्ता बैंक विक्रेता को निर्धारित अवधि में भुगतान की गारंटी प्रदान करता है, बशर्ते कि दस्तावेजी क्रेडिट में निहित शर्तों का पूर्ण रूप में पालन किया गया हो।
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प्रशन 8 पुनरावृत्ति आदेश क्लाँज क्या है ?
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पुनरावृत्ति आदेश क्लाँज के अन्तर्गत खरीददार वर्तमान ठेका के अन्तर्गत ठेका के सफलतापूर्वक समापन की तिथि से छह माह के भीतर, कुछ शर्तों पर, मदों की पचास प्रतिशत संख्या तक खरीद का ठेका दे सकता है।
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प्रशन 9 फाँल क्लाँज क्या है ?
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बोली लगाने वाला यह घोषणा करता है कि उसने यही माल भारत सरकार के अन्य मंत्रालयों /विभागों को वर्तमान बोली में दिए गए भाव से कम भाव पर सप्लाई नही किया है/कर रहा है तथा यदि किसी चरण में यह पाया जाता है कि बोली लगाने वाले ने यही माल दूसरे मंत्रालयों/विभागों को कम कीमत पर सप्लाई किया था, तो वही भाव, बीत चुके समय के लिए देय भत्ते सहित, वर्तमान मामले में भी लागू होगा तथा कीमत में आया अन्तर बोली लगाने वाले द्वारा खरीददार को वापिस कर दिया जाएगा।
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प्रशन 10 प्रस्ताव संबंधी अनुरोध क्या है ?
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प्रस्ताव संबंधी अनुरोध, मांग पत्र का उचित एवं पूर्ण प्रतिबिम्ब है। अपेक्षित सामान, बोली लगाने की प्रक्रिया तथा ठेका नियम प्रस्तावों संबंधी अनुरोध में निर्धारित है।
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प्रशन 11 द्वि-बोली प्रणाली क्या है ?
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द्वि-बोली प्रणाली में तकनीकी एवं वाणिज्यिक निविदा पूछताछ सम्मिलित है। द्वि-बोली प्रणाली का पालन तकनीकी विशिष्टियों का पता लगाने तथा तकनीकी वाणिज्यिक मूल्यांकन यथा संयंत्र और मशीनरी, सूचना प्रौघोगिकी तथा संचार प्रणालियां आदि, हेतु किया जाता है।
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प्रशन 12 निविदाओं का तुलनात्मक विवरण क्या है ?
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सभी स्वीकृति निविदाओं की प्राप्ति के पश्चात खरीद कक्ष निविदाओं का तुलनात्मक विवरण के रूप में उनका मिलान करता है। निविदाओं का तुलनात्मक विवरण सुविस्तृत होना चाहिए तथा कोटेशनों में दिए गए सभी विवरण इसमें सम्मिलित होने चाहिएं। निविदा दस्तावेजों संबंधी विचलन का उल्लेख निविदाओं के तुलनात्मक विवरण में किया जाना चाहिए। एकीकृत वित्तीय सलाहकार के प्रतिनिधि द्वारा निविदाओं के तुलनात्मक विवरण का पुनरीक्षण मूल कोटेशनों, इन्डेन्ट तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों के संदर्भ में किया जाना चाहिए।
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प्रशन 13 परिनिर्धारित नुकसानी क्या है ?
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विलम्ब से की गई सुपुर्दगी के कारण हुई हानि का मुआवजा, जब हानि पूर्वानुमानित है तथा जिसमें आपसी सहमति है, परिनिर्धारित नुकसानी कहलाता है। परिनिर्धारित नुकसानी की उगाही प्रति सप्ताह सुपुर्द न किए गए सामान की कीमत के 0.5% के रूप में की जा सकती है अथवा अधिकतम 5%। परिनिर्धारित नुकसानी ठेका में उल्लिखित राशि से अधिक नही हो सकती है।
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प्रशन 14 एकल निविदा क्या है ?
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मात्र एक ही फर्म से मांगी गई निविदा एकल निविदा कहलाती है। गैर-पी.ए.सी. मदों हेतु एकल निविदा सिर्फ आपातकालीन अथवा संक्रियात्मक अथवा तकनीकी आवश्यकता के आधार पर ही आमंत्रित की जाती है। एकल निविदा पूछताछ तथा किसी एक फर्म का चुनाव करने के कारणों का अभिलेखीकरण किया जाता है तथा सक्षम वित्तीय प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कराया जाता है।
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प्रशन 15 सक्षम वित्तीय प्राधिकारी (सी.एफ.ए.) समिति क्या है ?
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सक्षम वित्तीय प्राधिकारी (सी.एफ.ए.) समिति के मामले में शक्तियां किसी एक व्यक्ति में निहित न होकर एक समिति में होती है जो कि एक सी.एफ.ए. बन जाती है। वित्त सदस्य निरपवाद रूप में समिति का भाग है। इस प्रकार की समिति सी.एफ.ए. स्वयं की ही सी.एन.सी.आयोजित करती है तथा सामुहिक निर्णय लेती है। प्रत्येक सदस्य लिए गए निर्णय की गुणवत्ता के लिए उत्तरदायी एवं जवाबदेही है।
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प्रशन 16 उत्पाद आरक्षण से क्या अभिप्राय है ?
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स्वदेशी विनिर्माण को बढावा देने के लिए, विशेषकर एस.एस,आई., हैण्डलूम एवं खादी भण्डार द्वारा, सरकार ने केवल के.वी.आई.सी., ए.सी.ए.एस.एच., सी.सी.आई.सी., एवं एस.एस.आई. से ही प्रापण हेतु कुछ मदें आरक्षित किए जाने संबंधी प्रशासनिक अनुदेश जारी किए हैं। इन यूनिटों को निष्पादन प्रतिभूत जमा के भुगतान से भी छूट प्राप्त है।
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प्रशन 17 कीमत अधिमान क्या है ?
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वर्तमान सरकारी अनुदेशों के अनुसार बृहत उद्योग की तुलना में लघु उद्योगों को 15% तक कीमत अधिमान दिया जा सकता है। इस प्रकार के अधिमान पर एकीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह करके मेरिट के आधार पर इस प्रकार विचार किया जाना चाहिए, जिससे कि महंगाई को प्रोत्साहन न मिले तथा मुनाफाखोरी को रोका जा सके एवं इकाँनामी में आत्मतुष्टि की भावना पैदा की जा सके।
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प्रशन 18 खरीद अधिमान क्या है ?
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केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्रक उद्यमों (सी.पी.एस.ई.) को नयूनतम वैद्य मूल्य (एल 1) पर खरीद अधिमान प्रदान किया जाता है, यदि सी.पी.एस.आई. द्वारा कोट किया गया मूल्य, एल 1 मूल्य की 10% की सीमा में हो। ऐसा अधिमान, 5 करोड अथवा इसके अधिक की निविदाओं में तथा संयुक्त उद्यम में सी.पी.एस.ई. की हिस्सेदारी 51% तथा उसके अधिक होने पर, प्रदान किया जाता है।
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लेखा अनुभाग संबंधी प्रायः पूछे जाने वाले प्रशन-
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प्रशन 1 लेखा क्षेत्र क्या है ?
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लेखा क्षेत्र से अभिप्राय ऐसे क्षेत्र से है, जिसके लेखों की देखरेख एक ही लेखा अधिकारी द्वारा की जाती है।
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प्रशन 2 ऋण-शीर्ष क्या है ?
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ऋण-शीर्ष वह लेखा शीर्ष है जिसके अंतर्गत ऋण, जमा, अग्रिम तथा उचंत लेखों से संबंधित सरकारी लेन-देन किया जाता है।
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प्रशन 3 प्रेषण-शीर्ष क्या है ?
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प्रेषण-शीर्ष वह लेखा शीर्ष है जिसके अंतर्गत व्यापार संबंधी लेन-देन किया जाता है। |
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प्रशन 4 राजस्व शीर्ष क्या है ?
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राजस्व शीर्ष वह लेखा शीर्ष है जिसके अंतर्गत कर लगाने संबंधी पूर्ण कार्यवाही तथा राजस्व के रूप में वर्गीकृत अन्य प्राप्तियां तथा तत्संबंधी व्यय किया जाता है।
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प्रशन 5 भारत की समेकित निधि क्या है ?
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केन्द्र सरकार की एक समेकित निधि है जिसमें, केन्द्र सरकार द्वारा प्राप्त राजस्व, खजाना बिलों के जरिए लिया गया ऋण, अग्रिम तथा ऋण की वापसी द्वारा प्राप्त धन, जमा किए जाते हैं तथा संसद की स्वीकृति के पश्चात, इससे सरकार का खर्च चलता है।
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प्रशन 6 भारत का लोक निधि लेखा क्या है ?
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भारत के लोक निधि खाते में केन्द्र सरकार की ओर से प्राप्त संपूर्ण सार्वजनिक धन लोक निधि लेखा में जमा किया जाता है तथा इसमें से निर्धारित नियमानुसार संवितरण किया जाता है।
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प्रशन 7 भारत की आकस्मिकता निधि क्या है ?
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भारत की आकस्मिकता निधि, भारत के राष्ट्रपति के नियंत्रणाधीन है ताकि अद्रष्ट व्यय विधि द्वारा स्थापित विनियोजनों के अधीन संसद द्वारा ऐसे व्ययों का लंबित प्राधिकरण के लिए अग्रिम आहरित किए जा सके।
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प्रशन 8 लेखा के प्रमुख भाग कौन से हैं ?
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केन्द्र सरकार के लेखे तीन भागों में रखे जाएंगेः-
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1 |
भाग। – भारत की समेकित निधि
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1. राजस्व एवं व्यय शीर्ष |
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2. प्राप्ति शीर्ष एवं सरकारी ऋण हेतु पूंजी, सरकार ऋण आदि |
2 |
भाग।। - भारत की आकस्मिकता निधि |
3 |
भाग।।। - भारत का लोक लेखा, जिसमें ऋण, जमा, अग्रिम, प्रेषण तथा उचंत दर्ज किए जाएंगे। |
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प्रशन 9 सरकारी लेखों की वर्गीकरण संरचना क्या है ?
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सैक्टर, मुख्य शीर्ष, गौण शीर्ष, उप शीर्ष तथा विस्तृत शीर्ष, सरकारी लेखों की वर्गीकरण संरचना की पांच- टियर व्यवस्था का निर्माण करते हैं।
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प्रशन 10 अंतरण प्रविष्टि क्या है ?
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अंतरण प्रविष्टि का प्रयोजन मूल लेखों संबंधी वर्गीकरण चूक को ठीक करने के लिए किसी मद को एक शीर्ष से दूसरे शीर्ष में अंतरित करना है तथा इसके उचित शीर्ष में डेबिट अथवा क्रेडिट द्वारा, ऋण शीर्ष के अंतर्गत किसी बकाया मद का समायोजन करना है।
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प्रशन 11 वाउचरों के विभिन्न वर्ग कौन से है ?
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1 |
वर्ग 1 – रोकड वाउचर |
2 |
वर्ग 2 – अंतरण प्रविष्टि |
3 |
वर्ग 3 – अंतर्विभागीय अनुसूचियां (सिविल) |
4 |
वर्ग 4 – प्राप्तियों और प्रभारों का सार |
5 |
वर्ग 5 – रोकड लेखा |
6 |
वर्ग 6 – रेलवे बिल |
7 |
वर्ग 8 - अंतर्विभागीय अनुसूचियां (रक्षा)
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8 |
वर्ग 9 – एम.ई.एस.बिल |
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प्रशन 12 नकदी समनुदेशन क्या है ?
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नकदी समनुदेशन संवितरण अधिकारी के नाम से एक क्रेडिट पत्र है जिसमें किसी विशेष खजाना अधिकारी अथवा बैंक को उस संवितरण अधिकारी को उसके द्वारा की गई भुगतान मांग को पत्र में निहित सीमा तक पूरा करने का प्राधिकार प्रदान किया जाता है।
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प्रशन 13 उचंत लेखा क्या है ?
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प्राप्तियां एवं भुगतान जिनका, अग्रिम सूचना अथवा आदेशों के अभाव में, किसी भी लेखा शीर्ष में विनिधान नहीं किया जा सकता तथा ऐसे शीर्ष, जिनमें लेन-देन का समायोजन किया जाना संभावित है, की जानकारी न हो, उन्हे “उचंत शीर्ष” के अंतर्गत लिया जाता है।
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अभियांत्रिकी अनुभाग से संबंधित प्रायः पूछे जाने वाले प्रशन
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प्रशन 1 मूल कार्य क्या हैं ?
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मूल कार्यों में भवन निर्माण, डाँक एवं एयर फील्ड के निर्माण के साथ-साथ, सहायक सेवाएं यथा, सडकों का निर्माण, ई./एम.सेवाएं, जलापूर्ति, फर्नीचर, जल निकास आदि शामिल हैं। |
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प्रशन 2 बडे निर्माण कार्य कार्यक्रम क्या हैं ?
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बडे निर्माण कार्य कार्यक्रम सरकार के स्तर से एक वित्त वर्ष में जारी, पूंजीगत कार्यों की एक सूची है जो अनुमानित लागत सहित कार्यों के कार्यक्षेत्र को दर्शाती है।
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प्रशन 3 लघु निर्माण कार्य क्या हैं ?
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लघु निर्माण कार्य वे मूल प्राधिकृत/विशेष कार्य हैं जिनकी लागत रूपए एक लाख तक होती है। |
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प्रशन 4 साधारण मरम्मत कार्य क्या हैं ?
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साधारण मरम्मत कार्यो में शामिल हैः-
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छोटे-मोटे मरम्मत कार्य
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आवधिक सेवाएं
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रूपए 1,50,000 अथवा उससे कम लागत (प्रत्येक कार्य हेतु अलग-अलग) के प्रतिस्थापन्न एवं नवीकरण कार्य
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· |
रूपए 2,00,000 तक की लागत (प्रत्येक कार्य हेतु अलग-अलग) के ई./एम.यंत्रों/मशीनरी तथा बाह्य उपयोगी चीजों की मरम्मत, नवीकरण प्रतिस्थापना कार्य
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प्रशन 5 विशेष मरम्मत कार्य क्या हैं ?
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विशेष मरम्मत कार्यों में रू. 1,50,000 से अधिक लागत के प्रतिस्थापन्न एवं नवीकरण कार्य शामिल हैं।
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प्रशन 6 प्राधिकृत निर्माण कार्य क्या हैं ?
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प्राधिकृत कार्यों में विनियमावलियों के अनुसार अथवा रक्षा सेवाओं के लिए वास-मान में निहित सामान्य एवं विशिष्ट प्रकृति के प्रथक आदेशों के अनुसार सरकार द्वारा प्राधिकृत सेवाएं शामिल हैं।
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प्रशन 7 निर्माण कार्यों के विशेष मदें क्या हैं ?
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वास मान-सेवा, 1981 के अंतर्गत नहीं आने वाली सेवाएं निर्माण कार्यों की विशेष मदों में शामिल हैं। अपवादिक स्थानीय परिस्थितियों द्वारा इनकी आवश्यकता का औचित्य दिए जाने पर इन्हें अनुमोदित किया जाता है।
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प्रशन 8 आवश्यकता की स्वीकृति क्या है ?
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आवश्यकता की स्वीकृति, प्रस्तावित कार्य अथवा सेवा के लिए सक्षम वित्तीय प्राधिकारी द्वारा प्रदान की गई सैद्वांतिक स्वीकृति है।
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प्रशन 9 प्रशासनिक अनुमोदन क्या है ?
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प्रशासनिक अनुमोदन सक्षम वित्तीय प्राधिकारी द्वारा, उल्लिखित लागत पर कार्य निष्पादन हेतु प्रदान की गई स्वीकृति है।
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प्रशन 10 बैरक क्षतियां क्या है ?
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भवनों, फिटिंग, फर्नीचर को जानबूझकर अथवा उपेक्षा स्वरूप की गई क्षतियां बैरक क्षतियां कहलाती है।
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प्रशन 11 अंतरण प्रविष्टियों से क्या अभिप्राय है ?
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अंतरण प्रविष्टियां, प्राप्ति अथवा व्यय के किसी मद को प्रगति अधीन कार्य के लेखा से अथवा एक बजट शीर्ष से दूसरे कार्य लेखा अथवा बजट शीर्ष में अंतरित किए जाने से संबंधित है।
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प्रशन 12 निर्माण लेखा से क्या अभिप्राय है ?
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प्रत्येक कार्य या सेवा के लिए निर्माण लेखा का रखरखाव आई.ए.एफ.डब्ल्यू -2242 पर किया जाता है। इसमें स्वीकृत की गई राशियां तथा प्राप्त आवंटन तथा व्यय का दैनिक चालू लेखा एवं देयताए तथा अनुमानित क्रेडिट दर्ज किए जाएंगे।
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प्रशन 13 माप-पुस्तक क्या है ?
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माप-पुस्तक परिमित कार्यों के सभी लेखों तथा प्राप्त सामग्री का आधार है। यह किसी ठेका के अंतर्गत निष्पादित कार्यों का संपूर्ण अभिलेख है। इसे न्यायालय में अथवा माध्यस्थ के समक्ष सबूत के तौर पर प्रस्तुत किया जा सकता है।
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प्रशन 14 राजस्व कार्य क्या हैं ?
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ये रू.1,00,000 की लागत से अधिक तथा रू.2,00,000 तक के मूल प्राधिकृत/विशेष कार्य हैं।
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प्रशन 15 निम्न बजट कार्य क्या हैं ?
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ये मूल पूंजीगत कार्य हैं जिनकी लागत रू.2,00,000 से अधिक तथा रू. 10,00,000 तक होती है।
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प्रशन 16 प्रत्यासन्न अनुमान क्या है ?
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यह अनुमोदित मानों के आधार पर सक्षम अभियांत्रिकी प्राधिकारी द्वारा तैयार बी.पी.में सम्मिलित कार्यों एवं सेवाओं की लागत का अनुमान है।
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प्रशन 17 एजेंसी कार्य क्या है ?
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केंद्रीय विद्यालय संगठन,रक्षा लेखा विभाग, सी.एस.डी. को छोडकर रक्षा सेवाओं के लिए एम.ई.एस. द्वारा विभागीय प्रभार वसूल किए बिना निष्पादित कार्य।
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प्रशन 18 निर्माण - कार्य जमा क्या है ?
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केंद्र अथवा राज्य सरकार के प्रयोगकर्ताओं के लिए विभागीय प्रभार वसूल करते हुए एम.ई.एस. द्वारा निष्पादित कार्य।
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प्रशन 19 कार्यों के मामलों में वित्तीय सहमति का क्या अर्थ है ?
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सक्षम वित्तीय प्राधिकारी द्वारा, लागत तथा समय की बचत के लिए कोट किए गए न्यूनतम तार्किक दरों के आधार पर प्राप्त प्रशासनिक अनुमोदन से अधिक की स्वीकृति प्रदान करना।
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प्रशन 20 की-लोकेशन योजना क्या है ?
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यह एक स्टेशन पर स्थायी रूप से स्थित फाँर्मेशन, यूनिटों आदि की सूची प्रदान करती है।
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प्रशन 21 डी.डब्ल्यू.पी. का पैरा 11 किससे संबंधित है ?
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यह एक स्टेशन पर स्थायी रूप से स्थित फाँर्मेशन, यूनिटों आदि की सूची प्रदान करती है।
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प्रशन 22 डी.डब्ल्यू.पी. पैरा 11 किससे संबंधित है ?
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आवश्यक सैनिक कार्रवाई अथवा आपातकालीन चिकित्सा स्थिति से संबंधित अपेक्षित कार्य, जबकि ऐसी स्थिति में उचित सक्षम वित्तीय प्राधिकारी के संदर्भ के कारण हुआ विलंब खतरनाक हो सकता है, कोई भी कमांडर कार्य आरंभ करने का आदेश लिखित रूप में दे सकता है। हालांकि इसके लिए आवश्यक अनुमोदन छह माह के भीतर प्राप्त कर लिया जाए।
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प्रशन 23 कार्य मामलों में सह्य सीमा क्या है ?
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किसी कार्य की अंतिम लागत प्रशासन द्वारा अनुमोदित लागत से 10% अधिक या कम हो सकती है, जिसके लिए सक्षम वित्तीय प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति अपेक्षित नहीं है।
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प्रशन 24 पुनरीक्षित प्रशासनिक अनुमोदन (आर.ए.ए.) क्या है ?
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कार्य का क्षेत्र /सेवा लागत /दरों में बदलाव अथवा अन्य किन्हीं विशेष कारणों के कारण, यह सक्षम वित्तीय प्राधिकारी द्वारा उसी कार्य के लिए प्रदान की गई पुनरीक्षित स्वीकृति है।
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प्रशन 25 आँचलिक योजना क्या है ?
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यह विभिन्न की-लोकेशन योजनाओं, यूनिटों, सुख-सुविधाओं, नगर केन्द्रों, बाह्य सेवाओं आदि के क्षेत्र को दर्शाने वाली योजना है।
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इलैक्ट्राँनिक भुगतान प्रणाली संबंधी प्रायः पूछे जाने वाले प्रशन
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प्रशन 1 इलैक्ट्राँनिक क्लियरिंग प्रणाली (ई.सी.एस.) क्या है ?
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किसी क्लियरिंग हाउस की सेवाओं का प्रयोग करते हुए यह एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में इलैक्ट्राँनिक निधि अंतरण का माध्यम है। यह एक खाते से अनेक खातों अथवा अनेक खातों से एक खाते में बडी संख्या में निधि अंतरण के लिए है। इसका, संस्थाओं द्वारा भुगतान करने, यथा लाभांश का वितरण, ब्याज, वेतन, पेंशन आदि अथवा टेलीफोन, विद्युत जैसी कंपनियों को भुगतान करने, गृह कर, जल कर आदि जैसे प्रभारों अथवा वित्तीय संस्थाओं /बैंको की ऋण किस्तों अथवा व्यक्तियों के नियमित निवेश जैसे उद्देश्यों के लिए राशियों की उगाही के लिए, प्रयोग किया जा सकता है। |
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प्रशन 2 ई.सी.एस. के कितने प्रकार हैं ? वे किस प्रकार एक-दूसरे से भिन्न हैं ?
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ई.सी.एस. (क्रेडिट) एवं ई.सी.एस. (डेबिट) नामक दो प्रकार की इलैक्ट्राँनिक क्लियरिंग प्रणालियां हैं। ई.सी.एस. क्रेडिट का उपयोग किसी एक खाते से एक ही डेबिट करके उसे बडी संख्या में हिताधिकारियों को क्रेडिट मुहैया कराने के लिए किया जाता है, यथा लाभांश, ब्याज अथवा वेतन भुगतान। ई.सी.एस. (डेबिट) का उपयोग अनेक ग्राहकों /खाता धारकों के खातों से डेबिट करके उसे एक संस्था विशेष का क्रेडिट करने के लिए किया जाता है।
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प्रशन 3 ई.सी.एस. क्रेडिट लेन-देन किसके द्वारा किया जाता है ?
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ई.सी.एस. भुगतान किसी भी ऐसी संस्था (ई.सी.एस. प्रयोगकर्ता) द्वारा किया जा सकता है, जिसे अनेक हिताधिकारियों को इकट्ठा अथवा प्रायः भुगतान करना पडता है। वे एक अनुमोदित क्लियरिंग हाउस में स्वयं का पंजीकरण कराने के उपरांत लेन-देन आरंभ कर सकते हैं। ई.सी.एस प्रयोगकर्ताओं को ई.सी.एस. क्लियरिंग में भागीदारी के लिए हिताधिकारियों की स्वीकृति एवं उनके खाता विवरण भी प्राप्त करने होते हैं। इस योजना के अंतर्गत ई.सी.एस. प्रयोगकर्ता का बैंक प्रायोजक बैंक तथा ई.सी.एस हिताधिकारी खाता धारक डेस्टीनेशन खाता धारक कहलाता है। डेस्टीनेशन खाता धारक का बैंक अथवा हिताधिकारी का बैंक डेस्टीनेशन बैंक कहलाता है। नियमित भुगतान के हिताधिकारी, भुगतान करने वाली संस्था से, प्रभारी भुगतान के लिए ई.सी.एस. क्रेडिट का उपयोग करने के लिए भी अनुरोध कर सकते हैं। |
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प्रशन 4 ई.सी.एस. क्रेडिट प्रणाली किस प्रकार कार्य करती है ?
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ई.सी.एस. प्रयोगकर्ताओं को किसी अनुमोदित क्लियरिंग हाउस को निर्धारित प्रारूप में आंकडा प्रस्तुत करना होता है। क्लियरिंग हाउस नियत तिथि पर प्रायोजक बैंक के खाता द्वारा ई.सी.एस. प्रयोगकर्ता के लेखा का डेबिट करता है तथा प्राप्तकर्ता के बैंक में क्रेडिट करता है।
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प्रशन 5 हिताधिकारी किस प्रकार ई.सी.एस. (क्रेडिट)योजनामेंभागीदारीकरताहै
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हिताधिकारी को लिखित रूप में ई.सी.एस. सुविधा का उपभोग करने की सहमति मैंडेट द्वारा प्रदान करनी होती है। उसे ई.सी.एस. यूजर को अपनी बैंक शाखा का तथा खाता का विवरण देना होता है। इस प्रकार का प्राधिकरण फार्म मैंडेट कहलाता है।
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प्रशन 6 अंतिम हिताधिकारी को क्या लाभ है ?
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- अंतिम हिताधिकारी को दस्तावेज आदि जमा कराने के लिए बार-बार बैंक जाने की आवश्यकता नहीं है।
- वह कागजात कम होने अथवा नकदी संबंधी धोखा धडी के भय से मुक्त रहता है।
- कागजात प्राप्ति के पश्चात आगे की कार्रवाई में विलम्ब नहीं होता।
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प्रशन 7 भारतीय रिजर्व बैंक ई.एफ.टी. प्रणाली क्या है ?
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भारतीय रिजर्व बैंक ई.एफ.टी. भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आरंभ की गई एक योजना है जिसके अंतर्गत उन बैंकों की सहायता की जाती है जो अपने ग्राहकों को बैंक की किसी भी शाखा के खाते से दूसरे बैंक की किसी भी शाखा के खाते में धन अंतरण सेवा मुहैया कराते हैं।
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प्रशन 8 एन.ई.एफ.टी. प्रणाली क्या है ?
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राष्ट्रीय इलैक्ट्राँनिक निधि अंतरण (एन.ई.एफ.टी) प्रणाली एक राष्ट्रव्यापी निधि अंतरण प्रणाली है जिसके द्वारा एक बैंक शाखा से दूसरी बैंक शाखा में निधि अंतरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाया जाता है।
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प्रशन 9 हिताधिकारी के लिए निधि उपलब्धता अनुसूची क्या है ?
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निपटान समय के आधार पर हिताधिकारी को उसी दिन अथवा अगले दिन क्रेडिट प्राप्त हो जाता है।
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प्रशन 10 भारतीय रिजर्व बैंक की ई.एफ.टी. प्रणाली किस प्रकार कार्य करती है ?
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| चरण 1 |
प्रेषक एन.ई.एफ.टी. आवेदन पत्र में हिताधिकारी का विवरण भरता है (बैंक शाखा, हिताधिकारी का नाम, खाता का प्रकार एवं खाता संख्या) तथा बैंक को, प्रेषक के खाते से डेबिट करके हिताधिकारी को विशिष्ट राशि प्रेषित करने के लिए प्राधिकृत करता है। (कुछ बैंको द्वारा प्रदत्त नेट बैंकिंग सेवाओं द्वारा भी ऐसा किया जा सकता है)
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·चरण 2 |
प्रेषक शाखा एक स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल मैसेजिंग साँल्यूशन (एस.एफ.एम.एस.) मैसेज तैयार करती है तथा इसे एन.ई.एफ.टी.के लिए अपने सर्विस केन्द्र भेज देती है।
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·चरण 3 |
सर्विस केन्द्र, इसे अगले उपलब्ध निपटान में सम्मिलित कराने के लिए स्थानीय भारतीय रिजर्व बैंक (नेशनल क्लियरिंग सैल, मुंबई) को अग्रेषित करता है। |
चरण 4 |
क्लियरिंग केंद्र में, भारतीय रिजर्व बैंक लेन देन की बैंक वार छंटनी करता है तथा इस प्रणाली में भागीदारी कर रहे बैंको को प्रेषित करने के लिए, निवल डेबिट अथवा क्रेडिट संबंधी लेखाकरण प्रविष्टियां तैयार करता है। इसके पश्चात बैंक वार, प्रेषित किए जाने वाले मैसेज बैंकों को प्रेषित किए जाते है। |
·चरण 5 |
प्राप्तकर्ता बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक से प्राप्त मैसेज को प्रोसेस करता है तथा क्रेडिट हिताधिकारी के खातों में संचालित करता है।
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प्रशन 11 आई.एफ.एस.कोड क्या है ? यह एम. आई.सी.आर.कोड से किस प्रकार भिन्न है ?
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भारतीय वित्तीय प्रणाली कोड (आई.एफ.एस.सी.) भारत में बैंक शाखाओं की पहचान करने के लिए डिजाइन किया गया एक एल्फा न्यूमरिक कोड। यह 11 अंको का कोड है जिसके शुरूआती 4 अंक बैंक कोड को दर्शाते हैं, अगला अंक कन्ट्रोल कैरेक्टर के तौर पर आरक्षित है (वर्तमान में पांचवे स्थान पर 0 है) तथा शेष 6 अंक शाखा की पहचान से संबंधित है। एम.आई.सी.आर.कोड 9 अंको का है जो बैंक शाखा की पहचान करता है।
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प्रशन 12 मुझे मेरी बैंक शाखा का आई.एफ.एस.कोड कैसे ज्ञात होगा ?
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भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैकों को चैकों पर आई.एफ.एस.सी.कोड प्रिन्ट करने के अनुदेश दिए हैं। आप अपनी बैंक शाखा से संपर्क कर आई.एफ.एस.सी.कोड प्राप्त कर सकते हैं।
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प्रशन 13 आर.टी.जी.एस.प्रणाली क्या है ?
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परिवर्णी शब्द ‘आर.टी.जी.एस.’ का अर्थ है “रीयल टाइम ग्राँस सेटलमेंट”। आर.टी.जी.एस.प्रणाली एक निधि अन्तरण प्रक्रिया है जिसमें धन का एक बैंक से दूसरे बैंक में ‘रीयल टाइम’तथा ‘ग्राँस’ आधार पर अन्तरण किया जाता है। यह बैंकिंग माध्यम द्वारा सबसे तीव्र संभव निधि अंतरण प्रणाली है। ‘रीयल टाइम’ में ‘सेटलमेंट’ का अर्थ है भुगतान का लेन-देन किसी प्रतीक्षा अवधि के अधीन नहीं है। लेन-देन की प्रोसेसिंग पूर्ण होते ही उनका निपटान कर दिया जाता है। ग्राँस सेटलमेंट का अर्थ है कि प्रत्येक लेन-देन का पृथक रूप से निपटान किया जाता है तथा इसका किसी अन्य लेन-देन के साथ समूह बनाकर निपटान नहीं किया जाता है। यह देखते हुए कि निधि अन्तरण का हिसाब-किताब भारतीय रिजर्व बैंक के खातों में होता है, भुगतान का अंतिम मान लिया जाता है तथा यह अपरिवर्तनीय होता है।
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प्रशन 14 ‘आर.टी.जी.एस.’ किस प्रकार इलैक्ट्राँनिक निधि अन्तरण प्रणाली (ई.एफ.टी.) अथवा राष्ट्रीय इलैक्ट्राँनिक निधि अन्तरण प्रणाली (एन.ई.एफ.टी.) से भिन्न है ?
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ई.एफ.टी.तथा एन.ई.एफ.टी. इलैक्ट्राँनिक निधि अन्तरण माध्यम है जो कि आस्थगित निवल निपटान (डी.एन.एस.) आधार पर कार्य करता है तथा लेन-देन का बैंचों में निपटान करता है। अस्थगित निवल निपटान में किसी विशेष समय पर निपटान किया जाता है। उस समय तक सभी लेन-देन रोक दिए जाते है। उदाहरणतः एन.ई.एफ.टी.निपटान, सप्ताह के दिनों में हर रोज छह बार किया जाता है (9.00 पूर्वाहन, 11.00 पूर्वाहन, 12.00 दोपहर, 13.00 बजे, 15.00 बजे तथा 17.00 बजे) तथा शनिवार के दौरान तीन बार (9.00 पूर्वाहन, 11.00 पूर्वाहन, 12.00 दोपहर)निपटान के किसी निर्धारित समय के पश्चात आरंभ हुए किसी लेन-देन को अगले निर्धारित निपटान समय तक इंतजार करना होगा। इसके विपरीत आर.टी.जी.एस.में, लेन-देन आर.टी.जी.एस. कारोबारी घंटों के दौरान लगातार प्रोसेस किए जाते हैं।
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प्रशन 15 आर.टी.जी.एस. के अन्तर्गत एक खाते से दूसरे खाते में निधि अन्तरण में कितना समय लगता है ?
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साधारण परिस्थतियों में जैसे ही प्रेषक बैंक द्वारा निधि का अन्तरण किया जाता है, हिताधिकारी शाखाओं द्वारा निधि की रीयल टाइम में प्राप्ति संभावित होती है। हिताधिकारी बैंक द्वारा निधि अन्तरण संदेश प्राप्त करने के दो घण्टे के भीतर उसे हिताधिकारी के खाते में क्रेडिट करना पडता है।
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प्रशन 16 क्या हिताधिकारी के खाते में क्रेडिट हुए धन की पावती प्रेषक ग्राहक द्वारा प्राप्त की जाती है ?
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प्रेषक बैंक रिजर्व बैंक से इस आशय का संदेश प्राप्त करता है कि धन प्राप्त कर्ता बैंक के खाते में क्रेडिट कर दिया गया है। इस आधार पर प्रेषक बैंक, प्रेषक ग्राहक को सूचना दे सकता है कि धन प्राप्तकर्ता बैंक को भेज दिया गया है।
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प्रशन 17 प्रेषण को सुनिशचत करने के लिए प्रेषक ग्राहक द्वारा बैंक को क्या आवश्यक सूचना प्रदान की जानी चाहिए ?
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प्रेषक ग्राहक द्वारा आर.टी.जी.एस. प्रेषण सुनिशिचत करने के लिए बैंक कोने में लिखित जानकारी उपलब्ध करानी अपेक्षित है।
1.
प्रेषित की जाने वाली राशि
2.
उसका वह खाता संख्या जिससे डेबिट किया जाता है
3.
हिताधिकारी बैंक का नाम
4.
हिताधिकारी ग्राहक का नाम
5.
हिताधिकारी ग्राहक का खाता संख्या
6.
प्रेषक से प्राप्तकर्ता सूचना, यदि कोई हो
7.
प्राप्तकर्ता शाखा की आई.एफ.एस.सी.संख्या
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